- उज्जैन में ऑनलाइन जुड़ा देश, मोनी तीर्थ आश्रम में हुआ “विशेष श्री बालाजी सर्व ग्रह दोष शांति यज्ञ”; हर्षानंद और संतों ने दी आहुतियां
- पीएम की अपील और सीएम के निर्देश के बाद उज्जैन प्रशासन की नई पहल, अब एक ही वाहन से सिंहस्थ निरीक्षण पर निकल रहे अधिकारी
- महाकाल की नगरी में भक्ति का महासागर: शेषनाग मुकुट और मुण्ड माला में नजर आए बाबा महाकाल
- बाबा महाकाल की शरण में पहुंचीं अभिनेत्री तमन्ना भाटिया, भस्म आरती में हुईं शामिल
- उज्जैन में बाबा महाकाल का अलौकिक श्रृंगार: भांग, चंदन और त्रिपुंड से सजे राजाधिराज, भस्म आरती में उमड़ी आस्था
चार गुना बढ़ी रेमडेसिविर की डिमांड:कंपनी ने कहा- मांग नहीं होने पर पांच माह से उत्पादन बंद
मांग और आपूर्ति में चार गुना अंतर होने से रेमडेसिविर इंजेक्शन की डिमांड अनुसार पूर्ति करने में अभी 10 दिन और लगेंगे। यह कहना है अहमदाबाद की फार्मा कंपनी कैडिला जायडस का। कंपनी के प्रोडक्शन विभाग के अधिकारी हरिप्रकाश यादव ने बताया पांच माह से इंजेक्शन की डिमांड नहीं थी। इसलिए प्रोडक्शन बंद कर दिया था।
यही स्थिति अन्य कंपनियों में भी रही। अब देशभर से डिमांड आ रही है। मगर इंजेक्शन बनाने की एक प्रक्रिया है, मापदंड है। इसे बनाने में समय लगता है। डिमांड के अनुसार स्टॉक तैयार करने में 10 दिन का समय लगेगा। 20 अप्रैल तक दवा को लेकर बाजार में स्थिति सामान्य हो जाएगी। बुधवार रात 9 बजे रेमेडेसिविर के 200 इंजेक्शन शहर पहुंचे, जो विभिन्न अस्पतालों में पहुंचाए गए हैं। मप्र केमिस्ट एवं ड्रग एसोसिएशन अध्यक्ष गौतमचंद्र धींग ने बताया मरीजों की संख्या अचानक इतनी बढ़ गई है कि फार्मा कंपनी डिमांड के अनुरूप आपूर्ति नहीं कर पा रही है। संभागभर के मरीजों को 10 दिन पहले तक आसानी से संक्रमण रोकने में सहायक रेमेडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध कराने वाला चैरिटेबल हॉस्पिटल में रेमेडेसिवर की बुधवार रात 8 बजे तक एक भी वायल नहीं थी। जबकि यहां कोरोना संदिग्ध 44 मरीज भर्ती हैं।
यहां के मेडिकल स्टोर संचालक महेश के अनुसार दिन में ही मांग चार गुना बढ़ गई है। हम तो एडवांस देकर बैठे हैं। और भी देने को तैयार हैं, लेकिन कंपनी की क्षमता है। स्टॉकिस्ट से भी जवाब आता है कि जितनी आपूर्ति वहां से हो रही है, वह सभी को एक तय हिस्से में दी जा रही है।